बजट सत्र शुरू होने से पहले हुई सर्वदलीय बैठक, विधानसभा अध्यक्ष ने सदन चलाने के लिए सभी दलों से मांगा सहयोग
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र कल से शुरू हो रहा है। सीएए और एनआरसी के प्रदर्शनों के बीच शुरू हो रहा यह बजट खासा हंगामेदार रहने की संभावना है। सत्र को लेकर बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने सत्र के संचालन के लिए सभी दलों से सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया। विधानभवन में हुई सर्वदलीय बैठक में उन्होंने कहा कि तार्किक, तथ्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण संवाद से जनसमस्याओं का सार्थक समाधान किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- सदन की कार्यवाही बाधित करने से नहीं, बल्कि सदन में प्रभावी और तर्कसंगत चर्चा से समाधान निकलता है। सदन की उच्च गरिमा और मर्यादा को बनाए रखते हुए गम्भीर चर्चा को आगे बढ़ाने से लोकतंत्र के प्रति आमजन की आस्था बढ़ती है।
राज्य सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार: योगी
उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा दिया जाने वाला कोई भी सुझाव या कोई भी बात इतनी प्रभावी और महत्वपूर्ण होनी चाहिए कि वह प्रदेश और देश के लिए कल्याणकारी सिद्ध हो। राज्य सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार रहेगी।संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि पक्ष एवं विपक्ष के सहयोग से ही सदन को सुचारु रूप से चलाया जा सकता है। बैठक में समाजवादी पार्टी की ओर से उज्ज्वल रमण सिंह, बहुजन समाज पार्टी की ओर से नेता विधानमंडल लालजी वर्मा, कांग्रेस पार्टी के नरेश सैनी तथा अपना दल के नील रतन सिंह पटेल ने अपने-अपने दलों की ओर से पूरा सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।
18 फरवरी को पेश होगा बजट
यूपी का विधानसभा सत्र 13 फरवरी से शुरू होकर 7 मार्च तक चलेगा। 18 फरवरी को 12.20 बजे बजट पेश किया जाएगा। राज्यपाल का 13 फरवरी को राज्य विधान मंडल में एक साथ दोनों सदनों के समक्ष अभिभाषण होगा। इसके साथ ही औपचारिक कार्य के साथ अध्यादेश, अधिसूचनाओं, नियमों आदि को सदन के पटल पर रखा जाएगा। इसके अगले दिन 14 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू होगी।